शनि गोचर — वर्तमान स्थिति
Shani (Saturn) · 25 अगस्त 2026
वर्तमान गोचर
| ग्रह | शनि |
|---|---|
| राशि | मीन |
| अंश | 19.8° |
| गति | वक्री |
| इस राशि में | 30 मार्च 2025 से |
| अगला परिवर्तन | मेष राशि में 4 जून 2027 से |
| इस राशि में गरिमा | सामान्य |
शनि किसके कारक हैं
शनि क्रूर (पाप) ग्रह — पर परिश्रम का सबसे बड़ा न्यायाधीश हैं और शास्त्र में इन्हें आयु, कर्म, सेवा, अनुशासन, विलंब व वैराग्य का कारक कहा गया है। ये लगभग ढाई वर्ष प्रति राशि की गति से चलते हैं।
इस समय मेष, मीन, कुम्भ राशि पर साढ़ेसाती तथा धनु, सिंह राशि पर ढैया चल रही है।
शनि के नक्षत्र
विंशोत्तरी पद्धति में शनि इन तीन नक्षत्रों के स्वामी हैं — जिस जातक का जन्म-नक्षत्र इनमें हो, उसकी महादशा शनि से आरंभ होती है।
शनि महादशा
विंशोत्तरी महादशा में शनि की अवधि 19 वर्ष है (कुल 120 वर्ष के चक्र में)। महादशा का फल ग्रह के बल, भाव-स्वामित्व व गोचर तीनों पर निर्भर करता है — केवल अवधि से नहीं।
शनि बीज मंत्र, उपाय व दान
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
दान: तिल, तेल, उड़द, लोहा व काले वस्त्र — शनिवार को।
उपाय: शनिवार को तिल-तेल का दान व हनुमान चालीसा का पाठ।
सभी राशियों पर फल
शनि के मीन गोचर का सभी 12 राशियों पर शास्त्रीय फल देखें — शुभ, मध्यम व सावधानी सहित।
व्यक्तिगत फल
शनि के इस गोचर का आपकी कुंडली पर फल जानने हेतु ज्योतिष आचार्य से पूछें।