शुक्र गोचर — वर्तमान स्थिति

Shukra (Venus) · 25 अगस्त 2026

वर्तमान गोचर

ग्रहशुक्र
राशिकन्या
अंश22.9°
गतिमार्गी
इस राशि में2 अग॰ 2026 से
अगला परिवर्तनतुला राशि में 3 सित॰ 2026 से
इस राशि में गरिमानीच राशि

शुक्र किसके कारक हैं

शुक्र शुभ ग्रह — सुख व रस का कारक हैं और शास्त्र में इन्हें दांपत्य, सौंदर्य, कला, वाहन, सुख-सुविधा व भोग का कारक कहा गया है। ये लगभग एक माह प्रति राशि की गति से चलते हैं।

इस समय कन्या राशि में होने से ये नीच राशि में हैं — यह ग्रह इस राशि में नीच (debilitated) है — फल क्षीण रहता है; नीच-भंग योग हो तो कुंडली अनुसार सुधार संभव है।

शुक्र के नक्षत्र

विंशोत्तरी पद्धति में शुक्र इन तीन नक्षत्रों के स्वामी हैं — जिस जातक का जन्म-नक्षत्र इनमें हो, उसकी महादशा शुक्र से आरंभ होती है।

शुक्र महादशा

विंशोत्तरी महादशा में शुक्र की अवधि 20 वर्ष है (कुल 120 वर्ष के चक्र में)। महादशा का फल ग्रह के बल, भाव-स्वामित्व व गोचर तीनों पर निर्भर करता है — केवल अवधि से नहीं।

शुक्र बीज मंत्र, उपाय व दान

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

दान: श्वेत वस्त्र, चावल, मिश्री व चाँदी — शुक्रवार को।

उपाय: शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की आराधना व श्वेत वस्तुओं का दान।

सभी राशियों पर फल

शुक्र के कन्या गोचर का सभी 12 राशियों पर शास्त्रीय फल देखें — शुभ, मध्यम व सावधानी सहित।

व्यक्तिगत फल

शुक्र के इस गोचर का आपकी कुंडली पर फल जानने हेतु ज्योतिष आचार्य से पूछें।