बर्बरीक स्तुति (महाभारत)
खाटू श्याम · Khatu Shyam · मंत्र
बर्बरीक स्तुति (महाभारत) के बोल
नमो बर्बरीकाय वीराय महाभारतसम्भव।
भीमपौत्राय शूराय घटोत्कचसुताय च॥
यः स्वशीर्षं ददौ दानं कृष्णाय देवतात्मने।
श्री कृष्णवरदानेन खाटूश्यामः स जायते॥
नमो नमः खाटूश्यामाय भक्तकामफलप्रदाय।
बर्बरीकनाम्ने तुभ्यं श्याम श्याम नमोनमः॥
ॐ श्री खाटू श्यामाय नमः।
ॐ श्री खाटू श्यामाय नमः।
ॐ श्री खाटू श्यामाय नमः।
ॐ श्री खाटू श्यामाय नमः।
ॐ श्री खाटू श्यामाय नमः।
ॐ श्री खाटू श्यामाय नमः॥
— स्रोत: महाभारत परम्परा — बर्बरीक (खाटू श्याम) आख्यान
अगला संबंधित व्रत
खाटू श्याम से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।
खाटू श्याम मंत्र जप की विधि
जप सामान्यतः **108 बार** — एक माला — किया जाता है। संकल्प लेकर नित्य एक माला करना, अथवा विशेष कामना हेतु 11, 21 अथवा 108 दिन तक नियमित जप करने का विधान है।
ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु श्रेष्ठ काल है।
माला: **तुलसी** की माला इस जप हेतु उपयुक्त कही गई है। माला की मणियाँ अंगूठे व मध्यमा से फेरी जाती हैं, तर्जनी का स्पर्श वर्जित है, और सुमेरु (मुख्य मनका) लाँघा नहीं जाता — वहाँ से माला उलटकर अगली आवृत्ति आरम्भ की जाती है।
जप के समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख रखें, आसन पर बैठें, और उच्चारण शुद्ध व स्थिर रखें। मन भटके तो गिनती नहीं, स्मरण महत्वपूर्ण है।