चण्डी मन्त्र
माँ दुर्गा · Durga · मंत्र
चण्डी मन्त्र के बोल
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
(जप: १०८ बार · Chant 108 times)
— स्रोत: दुर्गासप्तशती (मार्कण्डेय पुराण) — नवार्ण मन्त्र
चण्डी मन्त्र — कब पढ़ें
माँ दुर्गा की आराधना का दिन मंगलवार है — अगला मंगलवार, 25 अगस्त को।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।
अगला संबंधित व्रत
माँ दुर्गा से जुड़ा अगला व्रत — मासिक दुर्गाष्टमी, आज।
माँ दुर्गा मंत्र जप की विधि
जप सामान्यतः **108 बार** — एक माला — किया जाता है। संकल्प लेकर नित्य एक माला करना, अथवा विशेष कामना हेतु 11, 21 अथवा 108 दिन तक नियमित जप करने का विधान है।
ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु श्रेष्ठ काल है; माँ दुर्गा की आराधना का वार मंगलवार है, अतः उस दिन का जप विशेष फलदायी माना जाता है।
माला: **रुद्राक्ष अथवा लाल चन्दन** की माला इस जप हेतु उपयुक्त कही गई है। माला की मणियाँ अंगूठे व मध्यमा से फेरी जाती हैं, तर्जनी का स्पर्श वर्जित है, और सुमेरु (मुख्य मनका) लाँघा नहीं जाता — वहाँ से माला उलटकर अगली आवृत्ति आरम्भ की जाती है।
जप के समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख रखें, आसन पर बैठें, और उच्चारण शुद्ध व स्थिर रखें। मन भटके तो गिनती नहीं, स्मरण महत्वपूर्ण है।
माँ दुर्गा के अन्य पाठ
- महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् (अयि गिरिनन्दिनि) — अंश-पाठ
- श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा (सम्पूर्ण)
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- जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामागौरी
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