माँ दुर्गा की आरती, मंत्र, चालीसा व भजन
Durga
माँ दुर्गा के बारे में
माँ दुर्गा हिंदू धर्म के परम पूज्य देव हैं और असंख्य भक्त श्रद्धा से इनकी आराधना करते हैं। महिषासुर मर्दिनी शक्ति स्वरूपा माँ जगदम्बा। नीचे माँ दुर्गा की समस्त आरती, चालीसा, मंत्र, स्तोत्र एवं भजन — अर्थ सहित — दिए गए हैं, जिन्हें आप पढ़ सकते हैं, सुन सकते हैं तथा PDF रूप में सहेज सकते हैं। नित्य माँ दुर्गा की आरती व मंत्र-जप से मन को शांति, श्रद्धा एवं सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
माँ दुर्गा — समस्त पाठ (आरती · चालीसा · मंत्र · भजन)
- दुर्गा सप्तशती बीज मन्त्र (= नवार्ण)
- दुर्गा ध्यान मंत्र
- दुर्गा नाम अष्टोत्तर मंत्र
- महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् (अयि गिरिनन्दिनि) — अंश-पाठ
- श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा (सम्पूर्ण)
- जय अम्बे गौरी (आरती)
- जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामागौरी
- नव दुर्गा मंत्र
- पर्वतवासिनी देवी आरती (सुन मेरी देवी पर्वतवासिनी)
- सर्वमंगलमांगल्ये मन्त्र
- जय अम्बे गौरी आरती
- देवी सूक्तम्
- नवदुर्गा — नौ देवियों के मन्त्र (ध्यान + जप + सप्तशती वाक्य)
- दुर्गा द्वात्रिंशन्नाम स्तोत्र
- सिद्ध कुञ्जिका स्तोत्रम्
- देवी अपराध क्षमापन स्तोत्र
- आरति कीजै शैल-सुताकी
- देवी कवचम्
- अर्गला स्तोत्र (दुर्गासप्तशती)
- कीलक स्तोत्र (सम्पूर्ण)
- श्री दुर्गा ध्यान मन्त्र (सिंहस्था शशिशेखरा)
- चण्डी मन्त्र (= नवार्ण)
- सर्वमंगलमांगल्ये (देवी मन्त्र)
- जगजननी जय! जय! मा! जगजननी जय! जय!!
- दुर्गा सप्तश्लोकी
- जय अम्बे गौरी
- दुर्गा सप्तशती बीज मंत्र
- या देवी सर्वभूतेषु
- श्री दुर्गा चालीसा
- दुर्गा मूल मंत्र
- चण्डी मन्त्र
- दुर्गा मूल मन्त्र (नवार्ण)
- महिषासुरमर्दिनी मंत्र
- महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम्
- दुर्गा गायत्री मन्त्र
- श्री दुर्गा चालीसा (सम्पूर्ण)
- श्री नवदुर्गा स्तोत्रम् (सम्पूर्ण — 9 ध्यान श्लोक)