4 नवंबर 2028 का पंचांग

शनिवार · कृष्ण पक्ष

पंचांग विवरण

तिथिकृष्ण द्वितीया
वारशनिवार
नक्षत्रकृत्तिका
योगवरीयान
करणगर
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशितुला

सूर्योदय, सूर्यास्त व मुहूर्त

सूर्योदय06:35
सूर्यास्त17:33
अभिजीत मुहूर्त11:42 – 12:26
राहुकाल09:20 – 10:42
यमगण्ड13:26 – 14:49
गुलिक काल06:35 – 07:57
ब्रह्म मुहूर्त04:59 – 05:47

नई दिल्ली के सूर्योदय पर आधारित। राहुकाल व यमगण्ड में नया शुभ कार्य आरंभ न करें।

4 नवंबर 2028 के शुभ चौघड़िया

  • शुभ — 07:57 – 09:20
  • लाभ — 13:26 – 14:49
  • अमृत — 14:49 – 16:11

दिन व रात के पूरे चौघड़िया देखें

4 नवंबर 2028 ग्रहों की स्थिति

ग्रहराशि
सूर्यतुला
चन्द्रवृषभ
मंगलसिंह
बुधतुला
गुरुकन्या
शुक्रकन्या
शनिमेष (वक्री)
राहुधनु (वक्री)
केतुमिथुन (वक्री)

निरयन (लाहिरी) गणना — विस्तृत गोचरआज का राशिफल देखें।

आगामी व्रत एवं पर्व

  • कृष्ण पक्ष एकादशी — सोमवार, 13 नवंबर 2028
  • कृष्ण प्रदोष — मंगलवार, 14 नवंबर 2028
  • अमावस्या — गुरुवार, 16 नवंबर 2028
  • पूर्णिमा — शुक्रवार, 1 दिसंबर 2028

पूरा व्रत कैलेंडर

गणेश चतुर्थी — स्थापना व विसर्जन का मुहूर्त

गणपति मुहूर्त 2026 — गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026। स्थापना का मध्याह्न काल, डेढ़ से दस दिन तक विसर्जन की तिथियाँ तथा उस दिन के शुभ चौघड़िया — अपने शहर के सूर्योदय से गणना।

पंचांग के पाँच अंग

पंचांग का अर्थ है पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग व करण। तिथि चन्द्रमा व सूर्य के अंतर से, नक्षत्र चन्द्रमा की स्थिति से, योग दोनों के योग से तथा करण तिथि के आधे भाग से निकलता है।

4 नवंबर 2028 शनिवार को कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि, कृत्तिका नक्षत्र, वरीयान योग व गर करण है। चन्द्रमा वृषभ राशि में तथा सूर्य तुला राशि में हैं।

यह गणना खगोलीय (astronomy-engine + लाहिरी अयनांश) है — तिथियाँ अनुमान से नहीं, गणना से निकलती हैं।

किसी और दिन का पंचांग

नवंबर 20281 · 2 · 3 · 4 · 5 · 6 · 7 · 8 · 9 · 10 · 11 · 12 · 13 · 14 · 15 · 16 · 17

हर दिन का तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय व राहुकाल — खगोलीय गणना से, किसी सूची से नहीं।

अपने शहर का आज का पंचांग देखें

नई दिल्ली · मुंबई · कोलकाता · चेन्नई · बेंगलुरु · हैदराबाद · पुणे · अहमदाबाद · जयपुर · लखनऊ · कानपुर · नागपुर · इंदौर · भोपाल · पटना · सूरत · चंडीगढ़ · गुवाहाटी · अमृतसर · कोच्चि · वाराणसी · प्रयागराज · हरिद्वार · उज्जैन · अयोध्या · तिरुपति · मथुरा · पुरी