श्री दुर्गा अष्टोत्तरशत नामावली (दक्षिण भारतीय परम्परा)

माँ दुर्गा · Durga · स्तोत्र

श्री दुर्गा अष्टोत्तरशत नामावली (दक्षिण भारतीय परम्परा) — माँ दुर्गा

श्री दुर्गा अष्टोत्तरशत नामावली (दक्षिण भारतीय परम्परा) के बोल

ॐ दुर्गायै नमः ।
ॐ शिवायै नमः ।
ॐ महालक्ष्म्यै नमः ।
ॐ महागौर्यै नमः ।
ॐ चण्डिकायै नमः ।
ॐ सर्वज्ञायै नमः ।
ॐ सर्वालोकेशायै नमः ।
ॐ सर्वकर्मफलप्रदायै नमः ।
ॐ सर्वतीर्थमयायै नमः ।
ॐ पुण्यायै नमः ।
ॐ देवयोनये नमः ।
ॐ अयोनिजायै नमः ।
ॐ भूमिजायै नमः ।
ॐ निर्गुणायै नमः ।
ॐ आधारशक्त्यै नमः ।
ॐ अनीश्वरायै नमः ।
ॐ निर्गुणायै नमः ।
ॐ निरहङ्कारायै नमः ।
ॐ सर्वगर्वविमर्दिन्यै नमः ।
ॐ सर्वलोकप्रियायै नमः ।
ॐ वाण्यै नमः ।
ॐ सर्वविद्याधिदेवतायै नमः ।
ॐ पार्वत्यै नमः ।
ॐ देवमात्रे नमः ।
ॐ वनीशायै नमः ।
ॐ विन्ध्यवासिन्यै नमः ।
ॐ तेजोवत्यै नमः ।
ॐ महामात्रे नमः ।
ॐ कोटिसूर्यसमप्रभायै नमः ।
ॐ देवतायै नमः ।
ॐ वह्निरूपायै नमः ।
ॐ सदौजसे नमः ।
ॐ वर्णरूपिण्यै नमः ।
ॐ गुणाश्रयायै नमः ।
ॐ गुणमय्यै नमः ।
ॐ गुणत्रयविवर्जितायै नमः ।
ॐ कर्मज्ञानप्रदायै नमः ।
ॐ कान्तायै नमः ।
ॐ सर्वसंहारकारिण्यै नमः ।
ॐ धर्मज्ञानायै नमः ।
ॐ धर्मनिष्ठायै नमः ।
ॐ सर्वकर्मविवर्जितायै नमः ।
ॐ कामाक्षायै नमः ।
ॐ कामसंहन्त्र्यै नमः ।
ॐ कामक्रोधविवर्जितायै नमः ।
ॐ शाङ्कर्यै नमः ।
ॐ शाम्भव्यै नमः ।
ॐ शान्तायै नमः ।
ॐ चन्द्रसूर्याग्निलोचनायै नमः ।
ॐ सुजयायै नमः ।
ॐ जयभूमिष्ठायै नमः ।
ॐ जाह्नव्यै नमः ।
ॐ जनपूजितायै नमः ।
ॐ शास्त्रायै नमः ।
ॐ शास्त्रमयायै नमः ।
ॐ नित्यायै नमः ।
ॐ शुभायै नमः ।
ॐ चन्द्रार्धमस्तकायै नमः ।
ॐ भारत्यै नमः ।
ॐ भ्रामर्यै नमः ।
ॐ कल्पायै नमः ।
ॐ कराल्यै नमः ।
ॐ कृष्णपिङ्गलायै नमः ।
ॐ ब्राह्म्यै नमः ।
ॐ नारायण्यै नमः ।
ॐ रौद्रायै नमः ।
ॐ चन्द्रामृतपरिश्रुतायै नमः ।
ॐ ज्येष्ठायै नमः ।
ॐ इन्दिरायै नमः ।
ॐ महामायायै नमः ।
ॐ जगत्सृष्ट्यादिकारिण्यै नमः ।
ॐ ब्रह्माण्डकोटिसंस्थानायै नमः ।
ॐ कामिन्यै नमः ।
ॐ कमलालयायै नमः ।
ॐ कात्यायन्यै नमः ।
ॐ कलातीतायै नमः ।
ॐ कालसंहारकारिण्यै नमः ।
ॐ योगिनिष्ठायै नमः ।
ॐ योगिगम्यायै नमः ।
ॐ योगिध्येयायै नमः ।
ॐ तपस्विन्यै नमः ।
ॐ ज्ञानरूपायै नमः ।
ॐ निराकारायै नमः ।
ॐ भक्ताभीष्टफलप्रदायै नमः ।
ॐ भूतात्मिकायै नमः ।
ॐ भूतमात्रे नमः ।
ॐ भूतेशायै नमः ।
ॐ भूतधारिण्यै नमः ।
ॐ स्वधानारीमध्यगतायै नमः ।
ॐ षडाधाराधिवर्तिन्यै नमः ।
ॐ मोहदायै नमः ।
ॐ अंशुभवायै नमः ।
ॐ शुभ्रायै नमः ।
ॐ सूक्ष्मायै नमः ।
ॐ मात्रायै नमः ।
ॐ निरालसायै नमः ।
ॐ निम्नगायै नमः ।
ॐ नीलसङ्काशायै नमः ।
ॐ नित्यानन्दायै नमः ।
ॐ हरायै नमः ।
ॐ परायै नमः ।
ॐ सर्वज्ञानप्रदायै नमः ।
ॐ अनन्तायै नमः ।
ॐ सत्यायै नमः ।
ॐ दुर्लभरूपिण्यै नमः ।
ॐ सरस्वत्यै नमः ।
ॐ सर्वगतायै नमः ।
ॐ सर्वाभीष्टप्रदायिन्यै नमः ।
इति श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामावलिः समाप्ता ।

श्री दुर्गा अष्टोत्तरशत नामावली (दक्षिण भारतीय परम्परा) — कब पढ़ें

माँ दुर्गा की आराधना का दिन मंगलवार है — अगला मंगलवार, 27 अक्टूबर को।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

अगला संबंधित व्रत

माँ दुर्गा से जुड़ा अगला व्रत — मासिक दुर्गाष्टमी, मंगलवार, 17 नवंबर (23 दिन बाद)।

माँ दुर्गा मंत्र जप की विधि

जप सामान्यतः **108 बार** — एक माला — किया जाता है। संकल्प लेकर नित्य एक माला करना, अथवा विशेष कामना हेतु 11, 21 अथवा 108 दिन तक नियमित जप करने का विधान है।

ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु श्रेष्ठ काल है; माँ दुर्गा की आराधना का वार मंगलवार है, अतः उस दिन का जप विशेष फलदायी माना जाता है।

माला: **रुद्राक्ष अथवा लाल चन्दन** की माला इस जप हेतु उपयुक्त कही गई है। माला की मणियाँ अंगूठे व मध्यमा से फेरी जाती हैं, तर्जनी का स्पर्श वर्जित है, और सुमेरु (मुख्य मनका) लाँघा नहीं जाता — वहाँ से माला उलटकर अगली आवृत्ति आरम्भ की जाती है।

जप के समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख रखें, आसन पर बैठें, और उच्चारण शुद्ध व स्थिर रखें। मन भटके तो गिनती नहीं, स्मरण महत्वपूर्ण है।

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