लक्ष्मीनृसिंह करावलम्बन स्तोत्रम्
माँ लक्ष्मी · Lakshmi · स्तोत्र
लक्ष्मीनृसिंह करावलम्बन स्तोत्रम् के बोल
श्रीमत्पयोनिधिनिकेतन चक्रपाणे
भोगीन्द्रभोगमणिराजितपुण्यमूर्ते।
योगीश शाश्वत शरण्य भवाब्धिपोत
लक्ष्मीनृसिंह मम देहि करावलम्बम्॥
ब्रह्मेन्द्ररुद्रमरुदर्ककिरीटकोटि
संघट्टिताङ्घ्रिकमलामलकान्तिकान्त।
लक्ष्मीलसत्कुचसरोरुहराजहंस
लक्ष्मीनृसिंह मम देहि करावलम्बम्॥
संसारदावदहनाकुलभीकराले
रोगादिरोगभवदुःखभयान्धकारे।
मत्कर्मवासनाविपाकमहाविलाले
लक्ष्मीनृसिंह मम देहि करावलम्बम्॥
नाहं विचिन्वनि च नैव जपामि नित्यं
नाहं करोमि च विधोक्तमखण्डनित्यम्।
नाहं करोमि च धनार्जन चित्तमग्नः
लक्ष्मीनृसिंह मम देहि करावलम्बम्॥
कुक्षौ कुठारनिशितेन सुदारणेन
छिन्नं जनस्य भुजगेन विषं निपीतम्।
त्वत्पादपद्मयुगलं शरणं प्रपन्नो
लक्ष्मीनृसिंह मम देहि करावलम्बम्॥
भक्तप्रियाभयवरप्रदपद्महस्त
सर्वार्तिहारिणि सुरेश नमोऽस्तु तुभ्यम्।
नित्यं पठेत् स्तवमिदं मनुजः प्रभाते
लक्ष्मीनृसिंह चरणं शरणं प्रपद्ये॥
— स्रोत: आदि शंकराचार्य कृत
लक्ष्मीनृसिंह करावलम्बन स्तोत्रम् — कब पढ़ें
माँ लक्ष्मी की आराधना का दिन शुक्रवार है — अगला शुक्रवार, 21 अगस्त को।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।
शुक्र की वर्तमान स्थिति
शुक्र इस समय कन्या राशि में हैं, और 2 सित॰ 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।
अगला संबंधित व्रत
माँ लक्ष्मी से जुड़ा अगला व्रत — पूर्णिमा, शुक्रवार, 28 अगस्त (10 दिन बाद)।
माँ लक्ष्मी मंत्र जप की विधि
जप सामान्यतः **108 बार** — एक माला — किया जाता है। संकल्प लेकर नित्य एक माला करना, अथवा विशेष कामना हेतु 11, 21 अथवा 108 दिन तक नियमित जप करने का विधान है।
ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु श्रेष्ठ काल है; माँ लक्ष्मी की आराधना का वार शुक्रवार है, अतः उस दिन का जप विशेष फलदायी माना जाता है।
माला: **कमलगट्टा अथवा स्फटिक** की माला इस जप हेतु उपयुक्त कही गई है। माला की मणियाँ अंगूठे व मध्यमा से फेरी जाती हैं, तर्जनी का स्पर्श वर्जित है, और सुमेरु (मुख्य मनका) लाँघा नहीं जाता — वहाँ से माला उलटकर अगली आवृत्ति आरम्भ की जाती है।
जप के समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख रखें, आसन पर बैठें, और उच्चारण शुद्ध व स्थिर रखें। मन भटके तो गिनती नहीं, स्मरण महत्वपूर्ण है।