महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं
माँ लक्ष्मी · Lakshmi · भजन
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं के बोल
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं नमस्ते गरुडध्वज।
विष्णुवक्षःस्थलारूढे भक्तमोक्षप्रदायिनि॥
नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये।
या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात् त्वदर्चनात्॥
सत्यं सत्यं पुनः सत्यं उद्धृत्य भुजमुच्यते।
वेदशास्त्रात् परं नास्ति न देवः केशवात् परः॥
नमो नमः महालक्ष्मि नमो नमः।
त्वां प्रणमे जगन्माता नमो नमः॥
— स्रोत: वैष्णव परम्परा — लक्ष्मी स्तुति
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं — कब पढ़ें
माँ लक्ष्मी की आराधना का दिन शुक्रवार है — अगला शुक्रवार, 21 अगस्त को।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।
शुक्र की वर्तमान स्थिति
शुक्र इस समय कन्या राशि में हैं, और 2 सित॰ 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।
अगला संबंधित व्रत
माँ लक्ष्मी से जुड़ा अगला व्रत — पूर्णिमा, शुक्रवार, 28 अगस्त (10 दिन बाद)।