महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं

माँ लक्ष्मी · Lakshmi · भजन

महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं — माँ लक्ष्मी

महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं के बोल

महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं नमस्ते गरुडध्वज।
विष्णुवक्षःस्थलारूढे भक्तमोक्षप्रदायिनि॥

नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये।
या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात् त्वदर्चनात्॥

सत्यं सत्यं पुनः सत्यं उद्धृत्य भुजमुच्यते।
वेदशास्त्रात् परं नास्ति न देवः केशवात् परः॥

नमो नमः महालक्ष्मि नमो नमः।
त्वां प्रणमे जगन्माता नमो नमः॥

— स्रोत: वैष्णव परम्परा — लक्ष्मी स्तुति

महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं — कब पढ़ें

आज शुक्रवार है — माँ लक्ष्मी की आराधना का दिन। आज का जप विशेष फलदायी माना गया है।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

शुक्र की वर्तमान स्थिति

शुक्र इस समय तुला राशि में (वक्री) हैं, और 6 नव॰ 2026 को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।

ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।

अगला संबंधित व्रत

माँ लक्ष्मी से जुड़ा अगला व्रत — पूर्णिमा, सोमवार, 26 अक्टूबर (17 दिन बाद)।

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