साईं अष्टकम्
साईं बाबा · Sai Baba · स्तोत्र
साईं अष्टकम् के बोल
सद्गुरु साईं नमोऽस्तु ते। शिर्डीवासिन् नमोऽस्तु ते।
भक्तप्रिय नमोऽस्तु ते। जगद्गुरो नमोऽस्तु ते॥
कृष्णरामस्वरूप ते। शिवशक्ति स्वरूप ते।
सर्वदेव स्वरूप ते। साईनाथ नमोऽस्तु ते॥
श्रद्धासबुरि दो हमें। चरणन में ठाँव दो हमें।
भवसागर तार दो हमें। साईनाथ नमोऽस्तु ते॥
रोग शोक हरो हमारे। पाप ताप हरो हमारे।
जन्म मृत्यु हरो हमारे। साईनाथ नमोऽस्तु ते॥
ॐ सच्चिदानन्द सद्गुरु साईनाथ महाराज की जय।
ॐ सच्चिदानन्द सद्गुरु साईनाथ महाराज की जय॥
— स्रोत: शिर्डी साईं उपासना — परम्परागत अष्टक
साईं अष्टकम् — कब पढ़ें
साईं बाबा की आराधना का दिन गुरुवार है — अगला गुरुवार, 20 अगस्त को।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।
साईं बाबा मंत्र जप की विधि
जप सामान्यतः **108 बार** — एक माला — किया जाता है। संकल्प लेकर नित्य एक माला करना, अथवा विशेष कामना हेतु 11, 21 अथवा 108 दिन तक नियमित जप करने का विधान है।
ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु श्रेष्ठ काल है; साईं बाबा की आराधना का वार गुरुवार है, अतः उस दिन का जप विशेष फलदायी माना जाता है।
जप के समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख रखें, आसन पर बैठें, और उच्चारण शुद्ध व स्थिर रखें। मन भटके तो गिनती नहीं, स्मरण महत्वपूर्ण है।