श्री शिरडी साईं मन्त्र-संग्रह (गायत्री + नाम-जप + मूल मन्त्र)

साईं बाबा · Sai Baba · मंत्र

श्री शिरडी साईं मन्त्र-संग्रह (गायत्री + नाम-जप + मूल मन्त्र) — साईं बाबा

श्री शिरडी साईं मन्त्र-संग्रह (गायत्री + नाम-जप + मूल मन्त्र) के बोल

॥ श्री शिरडी साईं मन्त्र-संग्रह ॥

【 साईं गायत्री मन्त्र 】
ॐ शिरडी वासाय विद्महे, सच्चिदानन्दाय धीमहि।
तन्नो साईं प्रचोदयात्॥

【 साईं नाम-जप 】
ॐ साईं नमो नमः, श्री साईं नमो नमः।
जय जय साईं नमो नमः, सद्गुरु साईं नमो नमः॥

【 मूल मन्त्र 】
ॐ श्री साईं नाथाय नमः॥
ॐ सच्चिदानन्द सद्गुरु साईनाथ महाराज की जय॥

【 साईं का मूल-मन्त्र (उपदेश) 】
"श्रद्धा और सबूरी" (Faith and Patience)
— यही साईंबाबा की मुख्य शिक्षा है

श्री शिरडी साईं मन्त्र-संग्रह (गायत्री + नाम-जप + मूल मन्त्र) — कब पढ़ें

साईं बाबा की आराधना का दिन गुरुवार है — अगला गुरुवार, 20 अगस्त को।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

साईं बाबा मंत्र जप की विधि

जप सामान्यतः **108 बार** — एक माला — किया जाता है। संकल्प लेकर नित्य एक माला करना, अथवा विशेष कामना हेतु 11, 21 अथवा 108 दिन तक नियमित जप करने का विधान है।

ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु श्रेष्ठ काल है; साईं बाबा की आराधना का वार गुरुवार है, अतः उस दिन का जप विशेष फलदायी माना जाता है।

जप के समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख रखें, आसन पर बैठें, और उच्चारण शुद्ध व स्थिर रखें। मन भटके तो गिनती नहीं, स्मरण महत्वपूर्ण है।

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