ॐ जय साईं राम हरे

साईं बाबा · Sai Baba · आरती

ॐ जय साईं राम हरे — साईं बाबा

ॐ जय साईं राम हरे के बोल

ॐ जय साईं राम हरे स्वामी जय साईं राम हरे।
भक्तजनों के संकट स्वामी भक्तजनों के संकट दास जनों के।
जो ध्यावे फल पावे दुख बिनशे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे कष्ट मिटे तन का॥
ॐ जय साईं राम हरे स्वामी जय साईं राम हरे॥

मात पिता तुम मेरे शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा आस करूँ मैं जिसकी॥
ॐ जय साईं राम हरे स्वामी जय साईं राम हरे॥

तुम पूर्ण परमात्मा तुम अन्तर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय साईं राम हरे स्वामी जय साईं राम हरे॥

तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूर्ख खल कामी कृपा करो भर्ता॥
ॐ जय साईं राम हरे स्वामी जय साईं राम हरे॥

श्री साईं जी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत साईं सेवक मनवाँछित फल पावे॥
ॐ जय साईं राम हरे स्वामी जय साईं राम हरे।
भक्तजनों के संकट स्वामी भक्तजनों के संकट दास जनों के॥

— स्रोत: शिर्डी साईं बाबा परम्परागत आरती

ॐ जय साईं राम हरे — कब पढ़ें

साईं बाबा की आराधना का दिन गुरुवार है — अगला गुरुवार, 20 अगस्त को।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

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