मंगलवार — हनुमान जी की आराधना
मंत्र · व्रत · दान · उपाय
मंगलवार के मंत्र
हनुमान मंत्र: ॐ हं हनुमते नमः
मंगल बीज मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
(108 बार जप विशेष फलदायी)
पाठ व पूजा
हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ।
व्रत
मंगलवार व्रत — बल, साहस व मंगल-दोष शांति हेतु।
दान व शुभ रंग
| दान | मसूर, लाल वस्त्र व गुड़ का दान |
|---|---|
| शुभ रंग | लाल |
मंगलवार के स्वामी ग्रह इस समय कहाँ हैं
मंगलवार का स्वामी ग्रह मंगल है, और इस समय वे कर्क राशि में हैं। 12 नव॰ 2026 को ये सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
जिस वार की पूजा की जाती है, उसका फल उस वार के स्वामी की गोचर-स्थिति से भी जुड़ा रहता है — इसीलिए मंगलवार के उपाय करते समय मंगल की वर्तमान स्थिति देख लेना उचित होता है। यह स्थिति निरयन (लाहिरी) गणना से निकाली गई है और प्रतिदिन बदलती है।
अगला मंगलवार — 13 अक्टूबर 2026
| सूर्योदय | 06:20 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:53 |
| राहुकाल | 15:00 – 16:27 |
| यमगण्ड | 09:13 – 10:40 |
| गुलिक काल | 12:07 – 13:33 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:44 – 12:30 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:44 – 05:32 |
मंगलवार का व्रत व पूजा ब्रह्म मुहूर्त अथवा प्रातःकाल में आरंभ करना श्रेष्ठ है। राहुकाल में नया संकल्प न लें — नित्य जप व पूजा तब भी निर्बाध चलती है। इस दिन शुभ चौघड़िया: लाभ 10:40–12:07, अमृत 12:07–13:33, शुभ 15:00–16:27। (नई दिल्ली के सूर्योदय पर — अपने शहर का समय देखें।)
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी — अगली तिथि
मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी अंगारकी कहलाती है और वर्ष की सभी संकष्टियों में श्रेष्ठ मानी जाती है।
- संकष्टी चतुर्थी — मंगलवार, 23 फ़रवरी 2027
ये तिथियाँ खगोलीय गणना से निकाली गई हैं। पूरा व्रत कैलेंडर देखें।
मंगलवार व्रत की विधि
प्रातः स्नान कर हनुमान जी का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें। हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ।
दिन भर फलाहार अथवा एक समय सात्विक भोजन का विधान है; लाल रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। संध्या-काल में दीपक जलाकर ॐ हं हनुमते नमः का जप करें — कम से कम एक माला (108 बार)।
व्रत के अंत में मसूर, लाल वस्त्र व गुड़ का दान करने का विधान है। व्रत की संख्या (5, 11, 16 अथवा 21 मंगलवार) संकल्प के अनुसार तय की जाती है, और अंतिम मंगलवार को उद्यापन किया जाता है।
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