मंगल ग्रह

Mangal (Mars) · 9 अक्टूबर 2026

वर्तमान गोचर

ग्रहमंगल
राशिकर्क
अंश12.5°
गतिमार्गी
इस राशि में18 सित॰ 2026 से
अगला परिवर्तनसिंह राशि में 12 नव॰ 2026 से
इस राशि में गरिमानीच राशि

मंगल किसके कारक हैं

मंगल क्रूर (पाप) ग्रह — ऊर्जा व आक्रामकता दोनों का स्रोत हैं और शास्त्र में इन्हें पराक्रम, भूमि-संपत्ति, भ्राता, साहस, शल्य-कर्म व विवाद का कारक कहा गया है। ये लगभग डेढ़ माह प्रति राशि की गति से चलते हैं।

इस समय कर्क राशि में होने से ये नीच राशि में हैं — यह ग्रह इस राशि में नीच (debilitated) है — फल क्षीण रहता है; नीच-भंग योग हो तो कुंडली अनुसार सुधार संभव है।

मंगल के नक्षत्र

विंशोत्तरी पद्धति में मंगल इन तीन नक्षत्रों के स्वामी हैं — जिस जातक का जन्म-नक्षत्र इनमें हो, उसकी महादशा मंगल से आरंभ होती है।

मंगल महादशा

विंशोत्तरी महादशा में मंगल की अवधि 7 वर्ष है (कुल 120 वर्ष के चक्र में)। महादशा का फल ग्रह के बल, भाव-स्वामित्व व गोचर तीनों पर निर्भर करता है — केवल अवधि से नहीं।

मंगल बीज मंत्र, उपाय व दान

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

दान: मसूर, लाल वस्त्र, गुड़ व तांबा — मंगलवार को।

उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ व मसूर का दान।

सभी राशियों पर फल

मंगल के कर्क गोचर का सभी 12 राशियों पर शास्त्रीय फल देखें — शुभ, मध्यम व सावधानी सहित।

संबंधित पाठ व पर्व

व्यक्तिगत फल

मंगल ग्रह का आपकी कुंडली पर फल व उपाय जानने हेतु ज्योतिष आचार्य से पूछें।