आरती कीजै हनुमानललाकी
हनुमान जी · Hanuman · आरती
आरती कीजै हनुमानललाकी के बोल
आरती कीजै हनुमानललाकी। दुष्टदलन रघुनाथ कलाकी॥ टेक॥
जाके बलसे गिरिवर काँपै। रोग दोष जाके निकट न झाँपै॥
अंजनिपुत्र महा बलदाई। संतनके प्रभु सदा सहाई॥
दे बीरा रघुनाथ पठाये। लंका जारि सीय सुधि लाये॥
लंका-सो कोट समुद्र-सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥
लंका जारि असुर संहारे। सीतारामजीके काज संवारे॥
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि सजीवन प्रान उबारे॥
पैठि पताल तोरि जम-कारे। अहिरावनकी भुजा उखारे॥
बायें भुजा असुरदल मारे। दहिने भुजा संतजन तारे॥
सुर नर मुनि आरती उतारे। जय जय जय हनुमान उचारे॥
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरति करत अंजना माई॥
जो हनुमानजीकी आरति गावै। बसि बैकुंठ परम पद पावै॥
आरती कीजै हनुमानललाकी — कब पढ़ें
आज मंगलवार है — हनुमान जी की आराधना का दिन। आज का जप विशेष फलदायी माना गया है।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।
मंगल की वर्तमान स्थिति
मंगल इस समय मिथुन राशि में हैं, और 18 सित॰ 2026 को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।