रविवार — सूर्य देव की आराधना
मंत्र · व्रत · दान · उपाय
रविवार के मंत्र
सूर्य मंत्र: ॐ घृणिः सूर्याय नमः
सूर्य बीज मंत्र: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
(108 बार जप विशेष फलदायी)
पाठ व पूजा
आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ व सूर्य को जल-अर्घ्य।
व्रत
रविवार व्रत — आरोग्य, तेज व मान-सम्मान हेतु।
दान व शुभ रंग
| दान | गेहूँ, गुड़ व तांबे का दान |
|---|---|
| शुभ रंग | लाल / केसरिया |
रविवार के स्वामी ग्रह इस समय कहाँ हैं
रविवार का स्वामी ग्रह सूर्य है, और इस समय वे कन्या राशि में हैं। 17 अक्टू॰ 2026 को ये तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
जिस वार की पूजा की जाती है, उसका फल उस वार के स्वामी की गोचर-स्थिति से भी जुड़ा रहता है — इसीलिए रविवार के उपाय करते समय सूर्य की वर्तमान स्थिति देख लेना उचित होता है। यह स्थिति निरयन (लाहिरी) गणना से निकाली गई है और प्रतिदिन बदलती है।
अगला रविवार — 11 अक्टूबर 2026
| सूर्योदय | 06:19 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:55 |
| राहुकाल | 16:28 – 17:55 |
| यमगण्ड | 12:07 – 13:34 |
| गुलिक काल | 15:01 – 16:28 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:44 – 12:30 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:43 – 05:31 |
रविवार का व्रत व पूजा ब्रह्म मुहूर्त अथवा प्रातःकाल में आरंभ करना श्रेष्ठ है। राहुकाल में नया संकल्प न लें — नित्य जप व पूजा तब भी निर्बाध चलती है। इस दिन शुभ चौघड़िया: लाभ 09:13–10:40, अमृत 10:40–12:07, शुभ 13:34–15:01। (नई दिल्ली के सूर्योदय पर — अपने शहर का समय देखें।)
रविवार को पड़ने वाले आगामी व्रत
- शुक्ल पक्ष एकादशी — रविवार, 20 दिसंबर 2026
- शुक्ल प्रदोष — रविवार, 22 नवंबर 2026
- पूर्णिमा — रविवार, 18 जुलाई 2027
ये तिथियाँ खगोलीय गणना से निकाली गई हैं। पूरा व्रत कैलेंडर देखें।
रविवार व्रत की विधि
प्रातः स्नान कर सूर्य देव का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें। आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ व सूर्य को जल-अर्घ्य।
दिन भर फलाहार अथवा एक समय सात्विक भोजन का विधान है; लाल / केसरिया रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। संध्या-काल में दीपक जलाकर ॐ घृणिः सूर्याय नमः का जप करें — कम से कम एक माला (108 बार)।
व्रत के अंत में गेहूँ, गुड़ व तांबे का दान करने का विधान है। व्रत की संख्या (5, 11, 16 अथवा 21 रविवार) संकल्प के अनुसार तय की जाती है, और अंतिम रविवार को उद्यापन किया जाता है।
संबंधित पाठ व पर्व
- सूर्य देव — सभी पाठ — देवता
- आदित्यहृदय स्तोत्र — स्तोत्र
- जय कश्यप नन्दन — आरती — आरती
- श्री सूर्य चालीसा — चालीसा
- सूर्य ग्रह — ग्रह