श्री सूर्य देव आरती (जय कश्यप नन्दन)

सूर्य देव · Surya · आरती

श्री सूर्य देव आरती (जय कश्यप नन्दन) — सूर्य देव

श्री सूर्य देव आरती (जय कश्यप नन्दन) के बोल

ॐ जय कश्यप नन्दन, प्रभु जय अदिति नन्दन।
त्रिभुवन तिमिर निकन्दन, भक्त हृदय चन्दन॥
ॐ जय कश्यप नन्दन॥

जय सप्त अश्व रथ राजित, एक चक्रधारी।
दुखहारी सुखकारी, मानस मलहारी॥
ॐ जय कश्यप नन्दन॥

सुर मुनि भूसुर वन्दित, विमल विभवशाली।
अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥
ॐ जय कश्यप नन्दन॥

सकल सुकर्म प्रसविता, सविता शुभकारी।
विश्व विलोचन मोचन, भव-बन्धन भारी॥
ॐ जय कश्यप नन्दन॥

कमल समूह विकासक, नाशक त्रय तापा।
सेवत सहज हरत अति, मनसिज सन्तापा॥
ॐ जय कश्यप नन्दन॥

नेत्राभाव-विमोचन, करुणाकर भगवन्।
हर अज्ञान-मोह सब, दे सद्ज्ञान सुमन॥
ॐ जय कश्यप नन्दन, प्रभु जय अदिति नन्दन॥

— स्रोत: परम्परागत — श्री सूर्यदेव आरती (बहु-स्रोत सत्यापित)

श्री सूर्य देव आरती (जय कश्यप नन्दन) — कब पढ़ें

सूर्य देव की आराधना का दिन रविवार है — अगला रविवार, 23 अगस्त को।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

सूर्य की वर्तमान स्थिति

सूर्य इस समय सिंह राशि में हैं, और 17 सित॰ 2026 को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।

ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।

सूर्य देव के अन्य पाठ