सूर्य ग्रह
Surya (Sun) · 11 अक्टूबर 2026
वर्तमान गोचर
| ग्रह | सूर्य |
|---|---|
| राशि | कन्या |
| अंश | 23.3° |
| गति | मार्गी |
| इस राशि में | 18 सित॰ 2026 से |
| अगला परिवर्तन | तुला राशि में 18 अक्टू॰ 2026 से |
| इस राशि में गरिमा | सामान्य |
सूर्य किसके कारक हैं
सूर्य क्रूर (पाप) ग्रह — पर आत्म-बल व अधिकार का दाता हैं और शास्त्र में इन्हें आत्मा, पिता, पद-प्रतिष्ठा, राज-कृपा, आरोग्य व नेतृत्व का कारक कहा गया है। ये लगभग एक माह प्रति राशि की गति से चलते हैं।
सूर्य के नक्षत्र
विंशोत्तरी पद्धति में सूर्य इन तीन नक्षत्रों के स्वामी हैं — जिस जातक का जन्म-नक्षत्र इनमें हो, उसकी महादशा सूर्य से आरंभ होती है।
सूर्य महादशा
विंशोत्तरी महादशा में सूर्य की अवधि 6 वर्ष है (कुल 120 वर्ष के चक्र में)। महादशा का फल ग्रह के बल, भाव-स्वामित्व व गोचर तीनों पर निर्भर करता है — केवल अवधि से नहीं।
सूर्य बीज मंत्र, उपाय व दान
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
दान: गेहूँ, गुड़, तांबा व लाल वस्त्र — रविवार को।
उपाय: रविवार को सूर्य को जल-अर्घ्य व आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ।
सभी राशियों पर फल
सूर्य के कन्या गोचर का सभी 12 राशियों पर शास्त्रीय फल देखें — शुभ, मध्यम व सावधानी सहित।
संबंधित पाठ व पर्व
- सूर्य देव — सभी पाठ — देवता
- आदित्यहृदय स्तोत्र — स्तोत्र
- जय कश्यप नन्दन — आरती — आरती
- श्री सूर्य चालीसा — चालीसा
- रविवार की उपासना — वार
व्यक्तिगत फल
सूर्य ग्रह का आपकी कुंडली पर फल व उपाय जानने हेतु ज्योतिष आचार्य से पूछें।