आरती श्री साईं जी की
साईं बाबा · Sai Baba · आरती
आरती श्री साईं जी की के बोल
आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की।
जा की कृपा विपुल सुखकारी, दुःख, शोक, संकट, भयहारी।
शिरडी में अवतार रचाया, चमत्कार से तत्त्व दिखाया।
कितने भक्त चरण पर आये, वे सुख शान्ति चिरंतन पाये।
भाव धरै जो मन में जैसा, पावत अनुभव वो ही वैसा।
गुरु की उदी लगावे तन को, समाधान लाभत उस मन को।
साईं नाम सदा जो गावे, सो फल जग में शाश्वत पावे।
गुरुवासर करि पूजा-सेवा, उस पर कृपा करत गुरुदेवा।
राम, कृष्ण, हनुमान रूप में, दे दर्शन, जानत जो मन में।
विविध धर्म के सेवक आते, दर्शन इच्छित फल पाते।
जै बोलो साईं बाबा की, जै बोलो अवधूत गुरु की।
'साईंदास' आरती को गावै, घर में बसि सुख, मंगल पावे।
— स्रोत: रणधीर प्रकाशन, ५१ चालीसा संग्रह, पृष्ठ 134
आरती श्री साईं जी की — कब पढ़ें
साईं बाबा की आराधना का दिन गुरुवार है — अगला गुरुवार, 22 अक्टूबर को।
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