आरति श्रीअंजनिकुमारकी
हनुमान जी · Hanuman · आरती
आरति श्रीअंजनिकुमारकी के बोल
आरति श्रीअंजनिकुमारकी।
शिवस्वरूप मारुतनन्दन, केसरी-सुअन कलियुग-कुठारकी॥
हियमें राम-सीय नित राखत,
मुखसों राम-नाम-गुण भाखत,
सुमधुर भक्ति-प्रेम-रस चाखत,
मङ्गलकर मङ्गलाकारकी॥ आरति०॥
विस्मृत-बल-पौरुष, अतुलित बल,
दहन दनुज-वन हित, दावानल,
ज्ञानि-मुकुट-मणि, पूर्ण गुण सकल,
मंजु भूमि शुभ सदाचारकी॥ आरति०॥
मन-इन्द्रिय-विजयी, विशाल मति,
कलानिधान, निपुण गायक अति,
छन्द-व्याकरण-शास्त्र अमित गति,
रामभक्त अतिशय उदारकी॥ आरति०॥
पावन परम सुभक्ति प्रदायक,
शरणागत को सब सुखदायक,
विजयी वानर-सेना-नायक,
सुगति-पोत के कर्णधारकी॥ आरति०॥
आरति श्रीअंजनिकुमारकी — कब पढ़ें
आज मंगलवार है — हनुमान जी की आराधना का दिन। आज का जप विशेष फलदायी माना गया है।
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मंगल की वर्तमान स्थिति
मंगल इस समय मिथुन राशि में हैं, और 18 सित॰ 2026 को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।