आरति श्रीअंजनिकुमारकी
हनुमान जी · Hanuman · आरती
आरति श्रीअंजनिकुमारकी के बोल
आरति श्रीअंजनिकुमारकी।
शिवस्वरूप मारुतनन्दन, केसरी-सुअन कलियुग-कुठारकी॥
हियमें राम-सीय नित राखत,
मुखसों राम-नाम-गुण भाखत,
सुमधुर भक्ति-प्रेम-रस चाखत,
मङ्गलकर मङ्गलाकारकी॥ आरति०॥
विस्मृत-बल-पौरुष, अतुलित बल,
दहन दनुज-वन हित, दावानल,
ज्ञानि-मुकुट-मणि, पूर्ण गुण सकल,
मंजु भूमि शुभ सदाचारकी॥ आरति०॥
मन-इन्द्रिय-विजयी, विशाल मति,
कलानिधान, निपुण गायक अति,
छन्द-व्याकरण-शास्त्र अमित गति,
रामभक्त अतिशय उदारकी॥ आरति०॥
पावन परम सुभक्ति प्रदायक,
शरणागत को सब सुखदायक,
विजयी वानर-सेना-नायक,
सुगति-पोत के कर्णधारकी॥ आरति०॥
आरति श्रीअंजनिकुमारकी — कब पढ़ें
हनुमान जी की आराधना का दिन मंगलवार है — अगला मंगलवार, 13 अक्टूबर को।
जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।
मंगल की वर्तमान स्थिति
मंगल इस समय कर्क राशि में हैं, और 12 नव॰ 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।