उषा काल में उठ कर

सूर्य देव · Surya · भजन

उषा काल में उठ कर — सूर्य देव

उषा काल में उठ कर के बोल

उषाकाल में उठकर तुम सूर्य नमन करो।
सूर्यनारायण देव को अर्घ्य अर्पण करो॥

गायत्री माँ के पुत्र हो।
विवस्वान कश्यपसुत हो।
सात घोड़ों पर सवार हो।
प्रकाश के दाता महान हो॥
उषाकाल में उठकर तुम सूर्य नमन करो।
सूर्यनारायण देव को अर्घ्य अर्पण करो॥

राम के पूर्वज कुल में।
आदित्य से रघुकुल में।
सूर्यवंश का यश बड़ा।
धर्म का दीपक जला रहा॥
उषाकाल में उठकर तुम सूर्य नमन करो।
सूर्यनारायण देव को अर्घ्य अर्पण करो॥

— स्रोत: परम्परागत सूर्य भजन

उषा काल में उठ कर — कब पढ़ें

सूर्य देव की आराधना का दिन रविवार है — अगला रविवार, 23 अगस्त को।

जप की गिनती हेतु ऑनलाइन जप-माला का उपयोग करें — एक माला अर्थात 108 जप।

सूर्य की वर्तमान स्थिति

सूर्य इस समय सिंह राशि में हैं, और 17 सित॰ 2026 को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।

ग्रह की स्थिति निरयन (लाहिरी) खगोलीय गणना से — यह प्रतिदिन बदलती है।

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