दशहरा (विजयादशमी) 2025 — गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025
Dussehra · आश्विन मास · बीत चुका
दशहरा (विजयादशमी) 2025 कब है?
दशहरा (विजयादशमी) 2025 में गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को है।
आश्विन शुक्ल दशमी — रावण-वध की स्मृति; शस्त्र-पूजा व अपराह्न काल में विजय-मुहूर्त।
दशहरा (विजयादशमी) 2025 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:14 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:05 |
| अपराह्न काल (पूजा) | 13:21 – 15:43 |
| अभिजीत मुहूर्त | 11:46 – 12:34 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:38 – 05:26 |
| राहुकाल (टालें) | 13:39 – 15:08 |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है, किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई — और प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँची गई है (गणना-सत्यापित)।
दशहरा (विजयादशमी) — क्या करें, क्या न करें
विजयादशमी अपराह्न-व्यापिनी है — शस्त्र-पूजा, वाहन-पूजा, शमी-पूजन व नए कार्य का आरंभ इसी काल में श्रेष्ठ माना गया है। यह दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है, अतः विद्यारंभ, व्यापार-आरंभ व गृह-प्रवेश के लिए शुभ है। रावण-दहन के बाद शमी (या अपराजिता) के पत्ते बाँटने की परम्परा है। इस दिन क्रोध, विवाद व अपशब्द से बचने को कहा गया है — पर्व का भाव ही अहंकार-दहन है।
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दशहरा (विजयादशमी) — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2024 | शनिवार, 12 अक्टूबर 2024 |
|---|---|
| 2025 | गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 |
| 2026 | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 |
| 2027 | शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 |
| 2028 | बुधवार, 27 सितंबर 2028 |
दशहरा (विजयादशमी) की विधि, सामग्री व कथा
पूजा-विधि, सामग्री, कथा तथा क्षेत्रीय परम्पराएँ हर वर्ष एक ही रहती हैं — वे दशहरा (विजयादशमी) के मुख्य पृष्ठ पर एक ही जगह दी गई हैं। यह पृष्ठ केवल 2025 का बताता है: तिथि, वार व उस दिन का अपना काल।