बुध ग्रह
Budh (Mercury) · 9 अक्टूबर 2026
वर्तमान गोचर
| ग्रह | बुध |
|---|---|
| राशि | तुला |
| अंश | 17.1° |
| गति | मार्गी |
| इस राशि में | 26 सित॰ 2026 से |
| अगला परिवर्तन | वृश्चिक राशि में 2 दिस॰ 2026 से |
| इस राशि में गरिमा | सामान्य |
बुध किसके कारक हैं
बुध सम ग्रह — जिस संगति में हो वैसा फल देता है हैं और शास्त्र में इन्हें बुद्धि, वाणी, व्यापार, गणित, लेखन व संचार का कारक कहा गया है। ये लगभग तीन सप्ताह प्रति राशि की गति से चलते हैं।
बुध के नक्षत्र
विंशोत्तरी पद्धति में बुध इन तीन नक्षत्रों के स्वामी हैं — जिस जातक का जन्म-नक्षत्र इनमें हो, उसकी महादशा बुध से आरंभ होती है।
बुध महादशा
विंशोत्तरी महादशा में बुध की अवधि 17 वर्ष है (कुल 120 वर्ष के चक्र में)। महादशा का फल ग्रह के बल, भाव-स्वामित्व व गोचर तीनों पर निर्भर करता है — केवल अवधि से नहीं।
बुध बीज मंत्र, उपाय व दान
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
दान: मूँग, हरे वस्त्र व कांस्य — बुधवार को।
उपाय: बुधवार को गणेश-वंदना व हरी वस्तुओं (मूँग) का दान।
सभी राशियों पर फल
बुध के तुला गोचर का सभी 12 राशियों पर शास्त्रीय फल देखें — शुभ, मध्यम व सावधानी सहित।
संबंधित पाठ व पर्व
- श्री गणेश — सभी पाठ — देवता
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व्यक्तिगत फल
बुध ग्रह का आपकी कुंडली पर फल व उपाय जानने हेतु ज्योतिष आचार्य से पूछें।