नवरात्रि टूर — हर सुविधा, एक-एक कर
नवरात्रि कक्ष · दिन का पन्ना · पाठ का पन्ना · साझा करना
नवरात्रि कक्ष
नवरात्रि कक्ष — एक पन्ने पर सब
माँ दुर्गा का चित्र, इस वर्ष की तिथियाँ और सीधे दुर्गा सप्तशती तक का रास्ता — पन्ना खुलते ही।
- ऊपर की पट्टी आज की तिथि और नक्षत्र बताती है
- "दुर्गा सप्तशती पढ़ें" — १३ अध्याय, ७०० श्लोक, पाठ-विधि सहित
- "सभी दुर्गा पाठ" — माँ के सब आरती-चालीसा-मन्त्र
क्यों खास: तिथियाँ कहीं लिखी नहीं हैं — हर वर्ष पञ्चाङ्ग से गिनी जाती हैं। अगले वर्ष भी पन्ना सही दिन बताएगा।
इस पन्ने का उपयोग कैसे करें
पहली बार आए भक्त के लिए छह पड़ावों की सैर। हर पड़ाव एक वाक्य में बताता है कि वह भाग किस काम का है।
- "यह भाग दिखाएँ" दबाते ही पन्ना उसी भाग पर जाकर उसे चमका देता है
- "अगला पड़ाव" से आगे बढ़ें
- एक बार बन्द करने पर फ़ोन याद रखता है
क्यों खास: लम्बे पन्ने पर भक्त को खोजना न पड़े — जो चाहिए वह एक दबाव पर।
प्रमुख तिथियाँ
घटस्थापना, दुर्गाष्टमी (कन्या-पूजन) और विजयादशमी — तीनों एक नज़र में। किसी पर दबाएँ तो उस पर्व का पूरा पन्ना।
- घटस्थापना — रविवार, 11 अक्टूबर
- दुर्गाष्टमी व कन्या-पूजन — सोमवार, 19 अक्टूबर
- विजयादशमी — मंगलवार, 20 अक्टूबर
क्यों खास: इस वर्ष अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर की दोपहर से है, पर सूर्योदय की (उदया) अष्टमी 19 को। दिन गिनने वाले कैलेण्डर 18 बताते हैं — यह पन्ना सूर्योदय की तिथि देखता है।
घटस्थापना की उलटी गिनती
दिन, घंटे, मिनट, सेकंड — घटस्थापना तक का समय चलता हुआ।
- "याद दिलाएँ" — उस दिन सूचना पाने के लिए
- "पर्व की तिथि व विधि" — मुहूर्त व पूजा का पूरा पन्ना
क्यों खास: नवरात्रि शुरू होते ही यह खण्ड "आज का दिन" बन जाता है — उस दिन की देवी, मन्त्र और भोग सबसे ऊपर।
नौ दिन, नौ स्वरूप
हर देवी का अपना चित्र, उस दिन का दिनांक और उस दिन का रंग — एक सूची में।
- किसी भी देवी पर दबाएँ — उस दिन का पूरा पन्ना खुलता है
- चित्र का किनारा उसी दिन के रंग में है
- अष्टमी/नवमी वाले दिन पर लाल अक्षरों में सूचना
क्यों खास: हर चित्र स्वरूप से मिलाया गया है — शैलपुत्री वृषभ पर, कालरात्रि गर्दभ पर, स्कन्दमाता की गोद में स्कन्द।
नवरात्रि के नौ रंग 2026
नारंगी से मोरपंखी हरे तक — हर रंग की पट्टी पर देवी और दिनांक। पट्टी दबाएँ तो वही दिन खुलता है।
- "रंगों की सूची भेजें" — पूरी सूची WhatsApp पर एक दबाव में
- "अन्य ऐप में साझा" — कहीं भी भेजें
क्यों खास: रंग नवरात्रि के आरम्भ-वार से गिने जाते हैं, इसलिए हर वर्ष क्रम बदलता है। पन्ना यह स्वयं गिनता है और साफ़ बताता है कि यह लोक-परम्परा है।
पूजा विधि — घटस्थापना से क्षमा-प्रार्थना तक
नित्य नवरात्रि पूजा का पूरा षोडशोपचार क्रम, फिर हर चरण अलग-अलग — कलश स्थापना, संकल्प, आवाहन, हर उपचार।
- किसी चरण का नाम दबाएँ — मन्त्र, अर्थ और कब पढ़ें, सब खुलता है
- नीचे अष्टमी-नवमी, कन्या-पूजन और हवन के अलग खण्ड
क्यों खास: हर चरण पर उसका स्रोत लिखा है — "सत्यापित पाठ" या "परम्परा-आधारित"। भक्त जानता है कि क्या शास्त्र है और क्या लोक-रीति।
समय कम हो तो
पाँच मिनट, पंद्रह मिनट, आधा घंटा, एक घंटा या पूर्ण चण्डी-पाठ — जितना समय, उतना क्रम।
- हर पाठ का नाम उसी पाठ के पन्ने पर ले जाता है
- छोटे से बड़े समय के क्रम में
क्यों खास: नौकरी या यात्रा में भी नवरात्रि छूटे नहीं — भाव ही मुख्य है।
नवरात्रि की आरती व पाठ
जय अम्बे गौरी, दुर्गा चालीसा, नवार्ण मन्त्र, नवदुर्गा स्तोत्र, देवी कवच, सप्तश्लोकी, क्षमा प्रार्थना और दुर्गा सप्तशती — एक जगह।
- हर कार्ड पर प्रकार लिखा है — आरती, चालीसा, मन्त्र, स्तोत्र
- दबाते ही पूरा पाठ
क्यों खास: पूजा-विधि पढ़कर भक्त रुके नहीं — "अब क्या पढ़ूँ" का उत्तर उसी पन्ने पर।
दिन का पन्ना
दिन का पन्ना — माँ शैलपुत्री
हर दिन का अपना पन्ना: उस दिन की देवी का चित्र, स्वरूप, दिनांक, रंग और भोग।
- "आज का पाठ — अध्याय १" — सीधे उसी दिन के सप्तशती अध्याय पर
- "नौ दिन" — वापस हब पर
क्यों खास: नौ पन्ने, नौ चित्र — हर देवी का वाहन और आयुध पन्ने के वर्णन से मिलाकर चुना गया।
पूजा-साथी — आज का क्रम
दीप और संकल्प से क्षमा-प्रार्थना तक आठ चरण। हर चरण पूरा होने पर टिक करें — घेरा भरता जाता है।
- "देखें" — उसी पन्ने पर वह भाग
- "खोलें" — जप माला, सप्तशती अध्याय या आरती सीधे
- प्रगति इसी फ़ोन पर याद रहती है
क्यों खास: पहली बार पूजा करने वाला भी क्रम न भूले — और अनुभवी भक्त के लिए एक साफ़ सूची।
ध्यान, मन्त्र और जप माला
ध्यान श्लोक अर्थ सहित, उस दिन का मूल मन्त्र और प्रणाम।
- "इसी मन्त्र से जप माला — १०८" — माला में यही मन्त्र और १०८ का लक्ष्य पहले से भरा
- श्लोक बड़े, साफ़ अक्षरों में — पढ़ने के लिए
क्यों खास: मन्त्र पढ़ने से जप तक एक दबाव — कुछ टाइप नहीं करना।
आज की आरती व पाठ
उस दिन की देवी के अपने पाठ पहले — शैलपुत्री के दिन "आरती कीजै शैलसुता की", कालरात्रि के दिन काली आरती और कालिकाष्टकम्।
- दिन-विशेष पाठ पहले, नित्य पाठ बाद में
- हर पाठ अपने पूरे पन्ने पर
क्यों खास: नौ दिन, नौ अलग सूचियाँ — एक-सी सामान्य सूची नहीं।
यह पाठ कैसे जाँचा गया
हर दिन का पाठ तीन ओर से मिलाया गया — दुर्गा सप्तशती का मूल पाठ (श्लोक-क्रमांक सहित), देवी कवच का नाम-क्रम, और नवदुर्गा की प्रचलित पूजा-पद्धति।
- भोग सब स्रोतों में एक-से
- पुष्प व रंग लोक-परम्परा — साफ़ लिखा है
- सप्तशती पाठ का नौ-दिन विभाग कहाँ से आया, वह भी
क्यों खास: जहाँ परम्पराएँ अलग हैं, पन्ना वह छिपाता नहीं — भक्त अपनी कुल-रीति चुन सके।
आज का दिन परिवार को भेजें
एक दबाव में WhatsApp संदेश तैयार — दिन, देवी, आज का रंग, भोग और मन्त्र, साथ में पन्ने की कड़ी।
- "परिवार को भेजें" — सीधे WhatsApp
- "अन्य ऐप में साझा" — या कड़ी नकल करें
क्यों खास: नवरात्रि में परिवार-समूहों में "आज का रंग" वैसे ही भेजा जाता है — अब वह संदेश सही जानकारी और कड़ी के साथ जाता है।
अगला दिन और नौ रंगों की पट्टी
पन्ने के अन्त में अगले दिन का बटन देवी के नाम सहित, और नीचे नौ रंगों की पट्टी — किसी भी दिन पर एक दबाव में।
- "यह पन्ना" — आप किस दिन पर हैं
- पहले दिन पर "नवरात्रि — नौ दिन", नवें दिन पर "विजयादशमी"
क्यों खास: कोई पन्ना बन्द गली नहीं — भक्त नौ दिन एक धागे में चलता है।
पाठ का पन्ना
पाठ का पन्ना — श्री दुर्गा चालीसा
हर आरती, चालीसा, मन्त्र और स्तोत्र का अपना पन्ना — देवता का चित्र, पाठ का नाम और उसका प्रकार।
- "माँ दुर्गा" पर दबाएँ — माँ के सब पाठ एक जगह
- ऊपर बाएँ — पीछे लौटें; ऊपर दाएँ — पाठ साझा करें
क्यों खास: पन्ना खुलते ही पाठ सामने — लम्बी भूमिका या भटकाने वाली चीज़ें पहले नहीं।
पढ़ने के साधन
पाठ, पसंद, अक्षर का आकार, श्वेत पन्ना और "पढ़ें" — एक पंक्ति में।
- – / + से अक्षर छोटे-बड़े करें — बुज़ुर्गों के लिए विशेष
- "श्वेत" — धूप में उजले पन्ने पर पढ़ें
- "पसंद" — पाठ अपनी सूची में सहेजें
क्यों खास: चश्मे के बिना भी पढ़ा जा सके — चुना हुआ आकार इसी फ़ोन पर याद रहता है।
पूरा पाठ, पंक्ति-दर-पंक्ति
हर चौपाई अलग पंक्ति में, ॥ १० ॥ ॥ २० ॥ जैसे क्रमांक सहित। पढ़ते समय बीच की पंक्ति उजली होकर उभरती है।
- आँख पंक्ति से नहीं भटकती — जहाँ पढ़ रहे हैं, वही उभरी
- देवनागरी साफ़ — संयुक्ताक्षर और मात्राएँ टूटती नहीं
क्यों खास: घर में सब साथ पाठ करें तो सबकी एक ही पंक्ति — कोई आगे-पीछे नहीं।
पद-पाठ पट्टी
नीचे की पट्टी पाठ का आकार बताती है — कितने पद, कितनी पंक्तियाँ — और "पद पाठ" से पाठ को पद-दर-पद पढ़ सकते हैं।
- ३ पद · ४५ पंक्तियाँ — शुरू करने से पहले पता
- पढ़ते-पढ़ते भी पट्टी साथ रहती है
क्यों खास: लम्बे पाठ में कितना बाकी है, इसका अनुमान हर समय।
चालीसा सम्पूर्ण — दोहा सहित
चालीसवीं चौपाई तक, फिर दोहा "शरणागत रक्षा करे, भक्त रहे निःशंक…" और "॥ इति श्री दुर्गा चालीसा सम्पूर्ण ॥"।
- कोई चौपाई छूटी नहीं — पूरा पाठ एक पन्ने पर
- जहाँ प्रतियाँ अलग हैं, वह पाठ-भेद नीचे बताया गया है
क्यों खास: पाठ कई प्रतियों से मिलाकर रखा गया है — जहाँ अन्तर है, वहाँ बहुमत का पाठ।
पाठ-परिचय — अर्थ, कब पढ़ें, मूल
पाठ के नीचे (ऊपर नहीं) उसका सरल अर्थ, कब पढ़ें, मूल रचना और प्रचलित पाठ-भेद।
- "॥ सत्यापित · पाठ-शुद्धि सहित ॥" — पाठ कैसे जाँचा गया
- "पूरा अर्थ पढ़ें" — लम्बा अर्थ खुलता है
- सहायक व्याख्या हो तो साफ़ लिखा जाता है
क्यों खास: भक्त पाठ करने आता है — व्याख्या सहायक है, इसलिए पाठ के बाद आती है।
आज के अनुसार
आज के दिन से जुड़ी बात — माँ दुर्गा का आराधना-दिवस (मंगलवार) और अगला सम्बन्धित व्रत, तिथि सहित।
- "मंगलवार के मंत्र व उपाय देखें"
- "व्रत कैलेंडर" — आगे आने वाले व्रत
- "जप-माला पर 108 जप करें"
क्यों खास: पन्ना रोज़ थोड़ा बदलता है — आज क्या करें, वह पाठ के साथ ही।
माँ दुर्गा के अन्य पाठ
इसी देवता के दूसरे पाठ, चित्र सहित — बीज मन्त्र, ध्यान मन्त्र, अष्टोत्तरशत नाम, महिषासुरमर्दिनी, विन्ध्येश्वरी चालीसा, आरतियाँ।
- "सभी माँ दुर्गा आरती · चालीसा · मंत्र" — पूरी सूची
- नीचे — माँ दुर्गा की कृपा आपकी कुंडली में कहाँ है, आचार्य जी से पूछें
क्यों खास: एक पाठ पूरा हुआ तो अगला वहीं — भक्त को खोजना नहीं पड़ता।
साझा करना
WhatsApp पर ऐसा दिखता है
किसी भी दिन की कड़ी भेजने पर उस दिन की देवी का चित्र, नाम और रंग पूर्वावलोकन में आता है।
- हर दिन का अपना कार्ड — शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक
- हिन्दी अक्षर सही — संयुक्ताक्षर जुड़े हुए
- कार्ड हल्का (300 KB से कम) ताकि WhatsApp उसे दिखाए
क्यों खास: कड़ी पाने वाला पहले चित्र देखता है, फिर पन्ना खोलता है — यही नवरात्रि में नए भक्त लाता है।