प्रदोष व्रत 2026 — पूरी सूची

अगली प्रदोष व्रत: शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

2026 की सभी तिथियाँ

तिथिव्रत
गुरुवार, 1 जनवरी 2026शुक्ल प्रदोष
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026कृष्ण प्रदोष
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026शुक्ल प्रदोष
शनिवार, 14 फ़रवरी 2026कृष्ण प्रदोष
रविवार, 1 मार्च 2026शुक्ल प्रदोष
सोमवार, 16 मार्च 2026कृष्ण प्रदोष
सोमवार, 30 मार्च 2026शुक्ल प्रदोष
बुधवार, 15 अप्रैल 2026कृष्ण प्रदोष
बुधवार, 29 अप्रैल 2026शुक्ल प्रदोष
गुरुवार, 14 मई 2026कृष्ण प्रदोष
गुरुवार, 28 मई 2026शुक्ल प्रदोष
शुक्रवार, 12 जून 2026कृष्ण प्रदोष
शनिवार, 27 जून 2026शुक्ल प्रदोष
रविवार, 12 जुलाई 2026कृष्ण प्रदोष
रविवार, 26 जुलाई 2026शुक्ल प्रदोष
सोमवार, 10 अगस्त 2026कृष्ण प्रदोष
मंगलवार, 25 अगस्त 2026शुक्ल प्रदोष
मंगलवार, 8 सितंबर 2026कृष्ण प्रदोष
गुरुवार, 24 सितंबर 2026शुक्ल प्रदोष
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026कृष्ण प्रदोष
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026शुक्ल प्रदोष
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026कृष्ण प्रदोष
रविवार, 22 नवंबर 2026शुक्ल प्रदोष
रविवार, 6 दिसंबर 2026कृष्ण प्रदोष
सोमवार, 21 दिसंबर 2026शुक्ल प्रदोष

महत्व व मंत्र

रोग, ऋण व कष्ट का नाश। इस दिन शिव की आराधना व ॐ नमः शिवाय का 108 बार जप विशेष फलदायी है।

प्रदोष व्रत व्रत विधि

  1. त्रयोदशी को प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
  2. सायं प्रदोष काल (सूर्यास्त के आसपास) में शिव-पूजन करें।
  3. शिवलिंग पर जल, दूध व बेलपत्र अर्पित करें।
  4. 'ॐ नमः शिवाय' का जप कर प्रदोष कथा सुनें।
  5. प्रदोष काल की पूजा के पश्चात् पारण करें।

प्रदोष व्रत पारण

प्रदोष व्रत का पारण प्रदोष काल की पूजा सम्पन्न होने के पश्चात् किया जाता है।

प्रदोष व्रत व्रत कथा

प्रदोष व्रत शिव-पार्वती को समर्पित है; त्रयोदशी की प्रदोष-वेला में शिव-आराधना से रोग, ऋण व कष्ट का नाश माना गया है।

संबंधित पाठ व पर्व