संकष्टी चतुर्थी 2026 — पूरी सूची

अगली संकष्टी चतुर्थी: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

2026 की सभी तिथियाँ

तिथिव्रत
मंगलवार, 6 जनवरी 2026संकष्टी चतुर्थी
गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026संकष्टी चतुर्थी
शुक्रवार, 6 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थी
रविवार, 5 अप्रैल 2026संकष्टी चतुर्थी
मंगलवार, 5 मई 2026संकष्टी चतुर्थी
बुधवार, 3 जून 2026संकष्टी चतुर्थी
शुक्रवार, 3 जुलाई 2026संकष्टी चतुर्थी
रविवार, 2 अगस्त 2026संकष्टी चतुर्थी
सोमवार, 31 अगस्त 2026संकष्टी चतुर्थी
मंगलवार, 29 सितंबर 2026संकष्टी चतुर्थी
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026संकष्टी चतुर्थी
शुक्रवार, 27 नवंबर 2026संकष्टी चतुर्थी
शनिवार, 26 दिसंबर 2026संकष्टी चतुर्थी

महत्व व मंत्र

विघ्न-नाश व कार्य-सिद्धि। इस दिन गणेश की आराधना व ॐ गं गणपतये नमः का 108 बार जप विशेष फलदायी है।

व्रत चन्द्रोदय-व्यापिनी चतुर्थी को होता है — दिल्ली के चन्द्रोदय पर गणना; दूर के शहरों में एक दिन का अंतर संभव है।

संकष्टी चतुर्थी व्रत विधि

  1. दिन भर व्रत रखकर संध्या में गणेश-पूजन करें।
  2. दूर्वा, मोदक व लाल पुष्प अर्पित करें।
  3. 'ॐ गं गणपतये नमः' का जप कर संकष्टी कथा सुनें।
  4. चन्द्रोदय पर चन्द्रमा को अर्घ्य दें।
  5. अर्घ्य के पश्चात् व्रत का पारण करें।

संकष्टी चतुर्थी पारण

पारण चन्द्रोदय पर चन्द्रमा को अर्घ्य देने के पश्चात् किया जाता है।

संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है; कृष्ण पक्ष की इस चतुर्थी का व्रत विघ्न-नाश व कार्य-सिद्धि हेतु रखा जाता है।

संबंधित पाठ व पर्व