आरती वारत राधिका नागरी

भगवान कृष्ण · Krishna · आरती

आरती वारत राधिका नागरी — भगवान कृष्ण

आरती वारत राधिका नागरी के बोल

आरती वारत राधिका नागरी।
तन कनक थार, भूषन रत्न दीपक लिएँ,
कमल मुक्तावली मंगल उजागरी॥
रुषित कटि मेखला सुभग घंटावली,
झालर संख बाजत जे करत उच्चागरी।
अनुराग छत्र अंचल चमर नयन चल,
भाव कुसुमांजली चतुर गुन आगरी॥
सखी-जूथन लिएँ बिबिध भोजन किएँ,
सुखद गिरिबरधरन रिझवत सुहागरी।
जयति बिष्नुस्वामी पथ पावन श्रीबल्लभपद,
पद्म बर नमत कृष्नदास बड़भागरी॥

अगला संबंधित व्रत

भगवान कृष्ण से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।

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