मेरे तो गिरधर गोपाल

भगवान कृष्ण · Krishna · भजन

मेरे तो गिरधर गोपाल — भगवान कृष्ण

मेरे तो गिरधर गोपाल के बोल

मेरे तो गिरधर गोपाल दूजो न कोई।
जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई॥

तात मात भ्रात बन्धु आपनो न कोई।
छाँडि दई कुलकी कानि कहा करिहैं कोई॥

संतन ढिग बैठि बैठि लोकलाज खोई।
अब तो बात फैल गई जानत सब कोई॥

चुनरी के किए टूक टूक ओढ़न न जोई।
मोती मूंगा उतार बनमाला पोई॥

अंसुवन जल सींच सींच प्रेम बेलि बोई।
अब तो बेलि फैल गई आनन्द फल होई॥

दासी मीरा लाल गिरधर तारो अब मोही।
हरि बिन जीवन नाहिं मोको और न कोई॥

— स्रोत: मीराबाई कृत — कृष्ण भजन

अगला संबंधित व्रत

भगवान कृष्ण से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।

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