भगवान कृष्ण की आरती, मंत्र, चालीसा व भजन
Krishna
भगवान कृष्ण के बारे में
भगवान कृष्ण हिंदू धर्म के परम पूज्य देव हैं और असंख्य भक्त श्रद्धा से इनकी आराधना करते हैं। यदुवंश शिरोमणि भगवान कृष्ण जो प्रेम और न्याय के रक्षक हैं। नीचे भगवान कृष्ण की समस्त आरती, चालीसा, मंत्र, स्तोत्र एवं भजन — अर्थ सहित — दिए गए हैं, जिन्हें आप पढ़ सकते हैं, सुन सकते हैं तथा PDF रूप में सहेज सकते हैं। नित्य भगवान कृष्ण की आरती व मंत्र-जप से मन को शांति, श्रद्धा एवं सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
भगवान कृष्ण — समस्त पाठ (आरती · चालीसा · मंत्र · भजन)
- आरती कुंज बिहारी की
- गीत गोविन्द (प्रलय पयोधि जले)
- पायो जी मैंने गोविन्द रतन धन पायो
- मेरे तो गिरधर गोपाल
- जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण
- बन्दे गोपालं वन्दे गोपालम्
- गोविन्दाष्टकम् (शंकराचार्य)
- श्री राधा चालीसा (सम्पूर्ण)
- श्री व्रजनन्दन जी की आरती (करत आरती नव-ब्रजनारी)
- गोविन्द दामोदर स्तोत्रम् (लघु पाठ)
- आरती जुगल किशोर की कीजै
- जय जय आरति श्रीगोपालकी
- बन्दे नवघनश्यामं पीतकौशेयवाससम्
- राधाकृष्ण युगल मन्त्र
- करत आरती नवब्रजनारी
- श्रीकृष्णाष्टक (जगन्नाथ पण्डित कृत)
- आरती वारत राधिका नागरी
- दामोदराष्टकम्
- रसिया मत जा मत जा
- आरती कुंजबिहारी की
- राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र (सम्पूर्ण)
- बैठे कुंज-मंडपमें आइ
- गोपाल गोविन्द कृष्ण सहस्रनाम बीज
- मन-मोहन मुरलीधर
- द्वादशाक्षर विष्णु मन्त्र
- श्री कृष्ण चालीसा (सम्पूर्ण)
- श्री कृष्ण / राधा-कृष्ण मन्त्र-संग्रह
- कृष्णाष्टकम्
- आरति जुगलकिसोरकी कीजै
- ॐ जय श्री राधा जय श्री कृष्ण
- मधुराष्टकम् (वल्लभाचार्य)
- अच्युतम् केशवम् (कौन कहता है भगवान आते नहीं)