जय जय आरति श्रीगोपालकी
भगवान कृष्ण · Krishna · आरती
जय जय आरति श्रीगोपालकी के बोल
जय जय आरति श्रीगोपालकी।
आनँदकंद सकल सुखसागर नवनागर नँदलालकी॥
सव्य अंग वृषभानुनंदिनी चहुँदिसि गोपीमालकी।
जय श्रीभट्ट बार-बार बलिहारी श्रीराधानामिनि बालकी॥
अगला संबंधित व्रत
भगवान कृष्ण से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।