मन-मोहन मुरलीधर
भगवान कृष्ण · Krishna · आरती
मन-मोहन मुरलीधर के बोल
मन-मोहन मुरलीधर, नित-नव नटनागर॥ ६॥ जय०
सब बिधि हीन, मलिन-मति, हम अति पातकि-जन।
प्रभुपद-विमुख अभागी, कलि-कलुषित तन-मन॥ ७॥ जय०
आश्रय-दान ददयार्णव! हम सबको दीजै।
पाप-ताप हर हरि! सब, निज-जन कर लीजै॥ ८॥ जय०
अगला संबंधित व्रत
भगवान कृष्ण से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।