शारदे माँ की आरती (परम्परागत)
माँ सरस्वती · Saraswati · आरती
शारदे माँ की आरती (परम्परागत) के बोल
जय जय शारदे माँ जय शारदे।
माँ जय जय शारदे माँ जय शारदे॥
वीणा पुस्तक हस्ते। मुक्तहार मणिग्रीवे।
हंसवाहिनी माँ तू। श्वेताम्बरधारिणी माँ॥
जय जय शारदे माँ जय शारदे॥
विद्यादायिनी माँ तू। बुद्धिदायिनी माँ तू।
कलादायिनी माँ तू। सर्वज्ञानदायिनी माँ॥
जय जय शारदे माँ जय शारदे॥
बसन्त पञ्चमी पर। माँ तू पूजी जाती है।
पुस्तक कलम वाद्य। तुझको अर्पित होती है॥
जय जय शारदे माँ जय शारदे।
माँ जय जय शारदे माँ जय शारदे॥
— स्रोत: परम्परागत सरस्वती आरती