वर दे वीणावादिनि वर दे

माँ सरस्वती · Saraswati · भजन

वर दे वीणावादिनि वर दे — माँ सरस्वती

वर दे वीणावादिनि वर दे के बोल

वर दे वीणावादिनि वर दे।
प्रिय स्वतन्त्र रव अमृत मन्त्र नव भारत में भर दे॥

काट अन्ध उर के बन्धन स्तर बाधा विघ्न हर दे।
नव गति नव लय ताल छन्द नव नवल कण्ठ भर दे॥

वर दे वीणावादिनि वर दे।
प्रिय स्वतन्त्र रव अमृत मन्त्र नव भारत में भर दे॥

स्वर्ण शस्य से भरी अमन की धरती का वर दे।
नव गति नव लय ताल छन्द नव नवल कण्ठ भर दे॥

वर दे वीणावादिनि वर दे।
प्रिय स्वतन्त्र रव अमृत मन्त्र नव भारत में भर दे॥

— स्रोत: सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला — सरस्वती वन्दना

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