महाशिवरात्रि 2026 — रविवार, 15 फ़रवरी 2026

Maha Shivaratri · फाल्गुन मास · बीत चुका

महाशिवरात्रि 2026 कब है?

महाशिवरात्रि 2026 में रविवार, 15 फ़रवरी 2026 को है।

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी — शिव-पार्वती विवाह की रात्रि। निशिता काल में जागरण, अभिषेक व रात्रि-पूजा का विधान।

महाशिवरात्रि 2026 — पूजा का शुभ समय

सूर्योदय06:59
सूर्यास्त18:11
निशीथ काल (मुख्य पूजा)00:11 – 00:59
अभिजीत मुहूर्त12:13 – 12:57
ब्रह्म मुहूर्त05:23 – 06:11
राहुकाल (टालें)16:47 – 18:11
व्रत पारण06:58 के पश्चात् (16 फ़रवरी 2026)

समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है, किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई — और प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँची गई है (गणना-सत्यापित)।

चार प्रहर की पूजा का समय

प्रथम प्रहर18:11 – 21:23
द्वितीय प्रहर21:23 – 00:35
तृतीय प्रहर00:35 – 03:46
चतुर्थ प्रहर03:46 – 06:58

रात्रि सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक चार बराबर प्रहरों में बाँटी जाती है, और प्रत्येक प्रहर में अभिषेक व पूजा का विधान है। जागरण करने वाले चारों प्रहर की पूजा करते हैं; एक ही बार करना हो तो निशीथ काल श्रेष्ठ है — वही वह क्षण है जिसमें यह पर्व प्रतिष्ठित है।

महाशिवरात्रि व्रत के नियम व विधि

इस दिन निर्जल अथवा फलाहार व्रत का विधान है। अन्न, मांस, प्याज व लहसुन वर्जित हैं। जागरण करने वाले रात्रि के चारों प्रहर में शिवलिंग का अभिषेक करते हैं — जल, दूध, दही, घृत, मधु व गंगाजल से; बिल्वपत्र, धतूरा व भाँग अर्पित की जाती है। बिल्वपत्र सदा उलटा (चिकनी ओर नीचे) चढ़ाया जाता है, और तीन पत्तियों वाला अखंडित पत्र श्रेष्ठ है। व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के पश्चात् किया जाता है।

संबंधित पाठ व पर्व

महाशिवरात्रि — आने वाले वर्षों की तिथियाँ

2025बुधवार, 26 फ़रवरी 2025
2026रविवार, 15 फ़रवरी 2026
2027शनिवार, 6 मार्च 2027
2028बुधवार, 23 फ़रवरी 2028
2029रविवार, 11 फ़रवरी 2029

महाशिवरात्रि की विधि, सामग्री व कथा

पूजा-विधि, सामग्री, कथा तथा क्षेत्रीय परम्पराएँ हर वर्ष एक ही रहती हैं — वे महाशिवरात्रि के मुख्य पृष्ठ पर एक ही जगह दी गई हैं। यह पृष्ठ केवल 2026 का बताता है: तिथि, वार व उस दिन का अपना काल।

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