मंगल भवन अमंगल हारी
भगवान राम · Ram · भजन
मंगल भवन अमंगल हारी के बोल
मंगल भवन अमंगल हारी।
द्रवउ सो दशरथ अजिर बिहारी॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम।
राम सिया राम सिया राम जय जय राम॥
होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
को करि तर्क बढ़ावै शाखा।
दैव दीन पर अनुग्रह कीन्हा।
भरत सरिस को राम स्नेही॥
मंगल भवन अमंगल हारी।
द्रवउ सो दशरथ अजिर बिहारी॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम।
राम सिया राम सिया राम जय जय राम॥
एहि बिधि राम सबनि सुख दीन्हा।
सत्संगत सुख भजन अधीना।
तुलसीदास मानस मनहिं थपिये।
सियावर रामचन्द्र की जय कहिये॥
मंगल भवन अमंगल हारी।
द्रवउ सो दशरथ अजिर बिहारी॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम।
राम सिया राम सिया राम जय जय राम॥
— स्रोत: परम्परागत (Traditional)
अगला संबंधित व्रत
भगवान राम से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, रविवार, 23 अगस्त (5 दिन बाद)।