राधाकृष्ण युगल मन्त्र
भगवान कृष्ण · Krishna · मंत्र
राधाकृष्ण युगल मन्त्र के बोल
ॐ राधाकृष्णाभ्यां नमः।
राधे राधे राधे राधे राधे श्याम।
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण हरे।
राधे कृष्ण राधे कृष्ण राधे कृष्ण हरे॥
(जप: १०८ बार · Chant 108 times)
— स्रोत: परम्परागत — राधाकृष्ण युगल मन्त्र
अगला संबंधित व्रत
भगवान कृष्ण से जुड़ा अगला व्रत — शुक्ल पक्ष एकादशी, गुरुवार, 22 अक्टूबर (13 दिन बाद)।
भगवान कृष्ण मंत्र जप की विधि
जप सामान्यतः **108 बार** — एक माला — किया जाता है। संकल्प लेकर नित्य एक माला करना, अथवा विशेष कामना हेतु 11, 21 अथवा 108 दिन तक नियमित जप करने का विधान है।
ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पूर्व) जप हेतु श्रेष्ठ काल है।
माला: **तुलसी** की माला इस जप हेतु उपयुक्त कही गई है। माला की मणियाँ अंगूठे व मध्यमा से फेरी जाती हैं, तर्जनी का स्पर्श वर्जित है, और सुमेरु (मुख्य मनका) लाँघा नहीं जाता — वहाँ से माला उलटकर अगली आवृत्ति आरम्भ की जाती है।
जप के समय पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख रखें, आसन पर बैठें, और उच्चारण शुद्ध व स्थिर रखें। मन भटके तो गिनती नहीं, स्मरण महत्वपूर्ण है।