देवउठनी एकादशी 2025 — रविवार, 2 नवंबर 2025

Dev Uthani Ekadashi · कार्तिक मास · बीत चुका

देवउठनी एकादशी 2025 कब है?

देवउठनी एकादशी 2025 में रविवार, 2 नवंबर 2025 को है।

कार्तिक शुक्ल एकादशी — विष्णु का योगनिद्रा से जागरण; इसी दिन से मांगलिक कार्य पुनः आरंभ होते हैं।

देवउठनी एकादशी 2025 — पूजा का शुभ समय

सूर्योदय06:33
सूर्यास्त17:35
अभिजीत मुहूर्त11:42 – 12:26
ब्रह्म मुहूर्त04:57 – 05:45
राहुकाल (टालें)16:12 – 17:35
पारण (द्वादशी में)06:34 – 09:04 (3 नवंबर 2025)

समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है, किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई — और प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँची गई है (गणना-सत्यापित)।

देवउठनी एकादशी व्रत के नियम व विधि

इसी दिन भगवान विष्णु चातुर्मास की निद्रा से जागते हैं और मांगलिक कार्य पुनः आरंभ होते हैं। तुलसी-शालिग्राम विवाह इसी संध्या को सम्पन्न किया जाता है। व्रत में अन्न वर्जित है; पारण द्वादशी को सूर्योदय के पश्चात्।

संबंधित पाठ व पर्व

देवउठनी एकादशी — आने वाले वर्षों की तिथियाँ

2024मंगलवार, 12 नवंबर 2024
2025रविवार, 2 नवंबर 2025
2026शनिवार, 21 नवंबर 2026
2027बुधवार, 10 नवंबर 2027
2028शनिवार, 28 अक्टूबर 2028

देवउठनी एकादशी की विधि, सामग्री व कथा

पूजा-विधि, सामग्री, कथा तथा क्षेत्रीय परम्पराएँ हर वर्ष एक ही रहती हैं — वे देवउठनी एकादशी के मुख्य पृष्ठ पर एक ही जगह दी गई हैं। यह पृष्ठ केवल 2025 का बताता है: तिथि, वार व उस दिन का अपना काल।

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