कार्तिक पूर्णिमा 2025 — बुधवार, 5 नवंबर 2025
Kartik Purnima · कार्तिक मास · बीत चुका
कार्तिक पूर्णिमा 2025 कब है?
कार्तिक पूर्णिमा 2025 में बुधवार, 5 नवंबर 2025 को है।
कार्तिक पूर्णिमा — देव दीपावली; गंगा-स्नान व दीपदान का महापर्व।
कार्तिक पूर्णिमा 2025 — पूजा का शुभ समय
| सूर्योदय | 06:36 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:33 |
| स्नान-दान (पुण्य काल) | 05:00 – 08:36 |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:00 – 05:48 |
| राहुकाल (टालें) | 12:04 – 13:26 |
समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त पर गणना किए गए हैं — अपने शहर का समय देखें। यह गणना खगोलीय है, किसी संग्रहीत सारणी से नहीं ली गई — और प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँची गई है (गणना-सत्यापित)।
कार्तिक पूर्णिमा — क्या करें, क्या न करें
इस दिन गंगा-स्नान, दीपदान व अन्न-दान का विशेष विधान है; ब्रह्म मुहूर्त का स्नान श्रेष्ठ माना गया है। संध्या को नदी, तालाब या घर के आँगन में दीप प्रवाहित/प्रज्वलित किए जाते हैं — काशी में यही देव दीपावली है। तुलसी-पूजन व दीपदान के साथ इस दिन का व्रत पूर्ण होता है। मांस, मदिरा व तामसिक भोजन वर्जित हैं; यह दिन गुरु नानक जयंती भी है, अतः अनेक घरों में लंगर व सेवा का आयोजन होता है।
संबंधित पाठ व पर्व
- भगवान विष्णु — सभी पाठ — देवता
- भगवान शिव — सभी पाठ — देवता
- ॐ जय जगदीश हरे — आरती
- श्री विष्णु चालीसा — चालीसा
- विष्णु सहस्रनाम — स्तोत्र
- जय शिव ओंकारा — आरती — आरती
- एकादशी व्रत — व्रत
- गुरुवार की उपासना — वार
कार्तिक पूर्णिमा — आने वाले वर्षों की तिथियाँ
| 2024 | शुक्रवार, 15 नवंबर 2024 |
|---|---|
| 2025 | बुधवार, 5 नवंबर 2025 |
| 2026 | मंगलवार, 24 नवंबर 2026 |
| 2027 | रविवार, 14 नवंबर 2027 |
| 2028 | गुरुवार, 2 नवंबर 2028 |
कार्तिक पूर्णिमा की विधि, सामग्री व कथा
पूजा-विधि, सामग्री, कथा तथा क्षेत्रीय परम्पराएँ हर वर्ष एक ही रहती हैं — वे कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य पृष्ठ पर एक ही जगह दी गई हैं। यह पृष्ठ केवल 2025 का बताता है: तिथि, वार व उस दिन का अपना काल।